गोरखपुर के बीआरडी मेडीकल कॉलेज में 63 बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बच्चों की मौत मामले में न्यायिक मांग को लेकर दाखिल की गई याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने योगी सरकार से सवाल पूछा कि  अस्पताल में बच्चों की मौत कैसे हुई। 

दरअसल बीआरडी मेडीकल कॉलेज में 10 अगस्त से 12 अगस्त के बीच 48 घंटे में 36 बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ राज्यमंत्री भी साफ कर चुके हैं कि मौत की वजह ऑक्सीजन की सप्लाई रुकना नहीं है। वहीं डीएम की रिपोर्ट ने सारी दलीलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूपी: बुधवार से किसानों का कर्ज माफ करेगी योगी सरकार, लखनऊ में सीएम योगी देंगे सर्टिफिकेट

क्या है पूरा मामला?

दरअसल गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में 10 अगस्त की शाम ऑक्सीजन सप्लाई रुकी थी जिसकी वजह से 36 बच्चों की मौत हो गई थी। यह भी बताया गया कि जब अस्पताल में ऑक्सीनज की सप्लाई रुकी तो बच्चों की जान सिर्फ एक पंप पर ही टिकी हुई थी।

आपको बता दें कि डीएम द्वारा बनाई गई जांच कमेट की रिपोर्ट में कहा गया कि ऑक्सीजन सप्लाई कंपनी पुष्पा सेल्स ने लिक्विड ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित की जिसके लिए वही जिम्मेदार है। वहीं लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई लगातार होती रहे। इसके प्रभारी सतीश कौशिक है जो अपने कर्तव्य ना निभाने को लेकर पहली नजर में दोषी है।

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