क्या आप जानते हैं कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक ऐसा कोचिंग सेंटर भी है जहाँ सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को फ्री में जेईई मेंस और एनआईटी की कोचिंग दी जा रही है? जी हाँ यह बिलकुल सच है. आपको बता दें कि यहाँ की एक समिति ने यह सराहनीय पहल की है और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मेधावी बच्चों के सपने सच करने का बीड़ा उठाया है.

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इस ट्रस्ट का नाम ‘एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट’ है. उनके द्वारा की गई यह पहल वास्तव में एक अनुकरणीय पहल है. यह समिति मेधावी बच्चों को विशेष कोचिंग दिलाते हुए उनकी फीस भी भर रही है. इन बच्चों को जेईई मेंस और एनआईटी की कोचिंग सिविक सेंटर भिलाई के एक्सपर्ट कोचिंग सेंटर में दिलाई जा रही है.

फिलहाल कुल 42 बच्चों को कोचिंग दी जा रही है. इनमें से अधिकतर बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों से हैं. इन बच्चों को कोचिंग दिलाए जाने का असर भी अभी से दिखाई देने लगा है. कोचिंग का लाभ ले रहे दो बच्चों का चयन जेईई मेन्स 2017 में भी हो गया है. फलेन्द्र कुमार और हिमानी गायकवाड़ नामक बच्चों ने जेईई मेन्स में सफलता पाई है और अब उन्हें जेईई एडवांस की कोचिंग दी जा रही है.

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समिति द्वारा बच्चों को आवश्यक शिक्षा सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। संस्थान के अनुसार बच्चों के भविष्य के लिए भी योजना बनाई जा रही है ताकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति उनकी पढ़ाई में बाधक न बन  सके. समिति के अध्यापक सज्जी ने बताया कि, ‘समिति गरीब वर्ग के मेधावी बच्चों के लिए कार्य कर रहा है. इस बार सरकारी स्कूलों के ऐसे बच्चों को जेईई मेन्स व नीट कोचिंग अपने खर्चे पर दिलाई जा रही है. हमारी कोशिश बच्चों का कॅरियर संवारने की है

समिति द्वारा उठाया गया यह कदम वास्तविकता में अत्यंत ही सराहनीय है. इससे गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करनें में बहुत सहायता मिलेगी. इसके द्वारा गरीब बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा और उनकी आने वाली पीढ़ी की ज़िंदगी को एक नई ज़िन्दगी और नया माहौल मिलेगा.

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