जैसे ही कोई हमारे सामने काले जादू का जिक्र करता है तो अपने आप ही तुरंत हमारे दिमाग में बंगाल की तस्वीर घूमने लगती है। काले जादू के बारे में यह कहा जाता है कि यह एक सदियों पुराने ज्ञान पर आधारित विधा है जिसका प्रयोग अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। काले जादू का प्रयोग कोई अच्छे कामों के लिए करता है तो कोई गलत कामों के लिए काले जादू का इस्तेमाल करता है। काले जादू को करने वाले जादूगर विभिन्न प्रकार के टोटके करते हैं और इन्ही टोटकों से उन्हें उनकी इच्छानुसार परिणाम मिलते हैं।

अक्सर लोग यह सोचते हैं कि काला जादू कैसे किया जाता है और इसका प्रयोग किन कामों के लिए किया जा सकता हैl आपको बता दें कि काले जादू का प्रयोग कहीं भी और किसी पर भी किया जा सकता हैl काले जादू से किसी को आबाद भी किया जा सकता है और बरबाद भीl काले जादू की एक क्रिया वशीकरण द्वारा किसी को भी अपने वश में भी किया जा सकता हैl कहा तो यहाँ तक जाता है कि जिस लड़के/लडकी को आप पसंद करते हों उसके ऊपर अगर आप कोई काला जादू या इसके कुछ टोटके कर दें तो वो वही करने लगेगा जो आप चाहेंगे, इस तरह आप उस व्यक्ति पर अपना अधिकार जमा सकते है |

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काला जादू पूरी तरह मन्त्रों और टोटकों पर आधारित होता है और काले जादू में हर तरह के काम के लिए एक अलग मन्त्र निर्धारित होता हैl कुछ जानकारों का काले जादू के बारे में यह भी मानना है कि काला जादू और कुछ नहीं बल्कि संगठित ऊर्जा के एक समूह अथवा गोले की तरह होता है। ऊर्जा के इस समूह को ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजा जाता है। इसे लॉ ऑफ़ कंज़र्वेशन ऑफ़ एनर्जी द्वारा आसानी से समझा जा सकता है।

ऊर्जा को न तो पैदा किया जा सकता है और न ही इसे खत्म किया जा सकता है बल्कि सिर्फ इसके स्वरूप को ही बदला जा सकता है। ऊर्जा का इस्तेमाल अगर सकारात्मक रूप से किया जा सकता है तो इसका नकारात्मक इस्तेमाल भी हो ही सकता है। सनातन धर्म का एक धर्मग्रन्थ अथर्ववेद पूर्ण रूप से सकारात्मक और नकारात्मक कामों में इस्तेमाल होने वाली ऊर्जाओं को ही समर्पित है। कुछ लोगों का मानना है कि काला जादू शैतानी शक्तियों का काम होता है लकिन यह सोच पूरी तरह गलत हैl

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ऊर्जा मात्र ऊर्जा होती है, वह न तो दैवीय हो सकती है और न ही शैतानी। आप अगर उसे इकठ्ठा करने में सक्षम हो जाते हैं तो उसे कोई भी रूप दे सकते हैं, फिर वो रूप देवता का हो या फिर शैतान का। यह किसी बिजली की तरह होती है और बिजली दैवीय, शैतानी, अच्छी और बुरी नहीं होतीl जब बिजली से किसी को करंट लगकर उसकी मौत हो जाती है तो वह बिजली शैतानी होती है लेकिन जब वही बिजली लोगों के घरों को रोशन करती है तो वह दैवीय बन जाती हैl

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