अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती की कहानी पर बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर संजय लीला भंसाली फिल्म पद्मावती बनाई है। उन दोनों के बीच क्या कुछ हुआ था इसकी जानकारी तो आपको फिल्म  के जरिये मिल ही जाएगी। लेकिन अलाउद्दीन खिलजी की मौत कैसे हुई थी इसके बारे में शायद ही आपको पता चल पाए। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे है कि कैसे हुई थी मुगल सल्तनत के बादशाह अलाउद्दीन खिलजी की मौत।

कहते हैं कि जो दिल के सबसे करीब होता है वही सीने में खंजर भोंकता है। अलाउद्दीन खिलजी के साथ भी ऐसा ही हुआ था। खिलजी की बच्चाबाजी का शौक ही उसके अंत का कारण बना था। मलिक काफूर जिनके साथ अलाउद्दीन के नाजायज संबंध थे उसी ने ही खिलजी को जहर देकर मार दिया था।

जब खिलजी कमजोर पड़ने लगा तो उसके कमांडर मलिक काफूर ने ही उसकी सत्ता हथियाने के लालच में उसे मार डाला। उसने खिलजी को नजरबंद कर धीमा जहर देना शुरू कर दिया। उस जहर से उसकी मौत हो गई और उसकी हत्या के बाद उसने उसके बेटों को भी अंधा कर दिया। काफूर ने उसकी सभी बेगमों को अपना गुलाम बना लिया था।

लेकिन मलिक काफुर का ये पागलपन ज्यादा दिन नहीं चल पाया और खिलजी के बेटे मुबारक ने कुछ सैनिकों के साथ मिल कर उसकी गर्दन काट दी। अलाउद्दीन खिलजी को भले ही महत्वकांक्षी शासक, खूनी, लूटेरा, क्रूर हत्यारा कहा जाता हो लेकिन इस बात पर भी किसी को शक नहीं होना चाहिए कि वह दिल्ली के सुल्तानों में महान शासक था, जिसने अपने साम्राज्य को उन्नती के शिखर तक पहुंचाया था। खिलजी की क्रब दिल्ली के महरौली इलाके में कुतुब कॉम्प्लेक्स के पीछे मौजूद है।

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