भारत और चीन के बीच करीब 3 महीने से डोकलाम को लेकर चल रह विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। जानकारी लगी है कि दोनों देशों के बीच बातचीत से विवाद सुलझ गया है। साथ ही दोनों ही देशों भारत और चीन ने अपनी-अपनी सेना हटाने का फैसला लिया है। भारत के लगातार दबाव बनाने के बाद चीन को झुकना पड़ा है, लेकिन हम आपको बताते हैं कि किस वजह से चीन को भारत के सामने झुकना पड़ा है। आइए जानते है 5 वजह… 

दरअसल डोकलाम को लेकर चीन लगातार ही भारत को धमकी दे रहा था। चीन डोकलाम से भारत को अपनी सेना हटाने के लिए कह रहा था। वहीं भारत का कहना था कि दोनों ही देश अपनी सेना हटाएं और इस पर बातचीत से हल निकाले। वहीं अब चीन अपनी सेना हटाने को लेकर राजी हुआ है। इसके पीछे कई वजह मानी जा सकती है।

1- व्यापार का कारण

चीन लगातार भारत को धमकी दे रहा था, लेकिन भारत के ना झुकने पर उसे सेना हटाने के लिए विवश होना पड़ा। इसका एक बड़ा कारण चीन को व्यापार का नुकसान होना भी माना जा रहा है। दरअसल चीन के सामान का भारत में एक बड़ा मार्केट है। अगर चीन को बाजर से निकलना पड़ता तो काफी नुकसान उठाना पड़ता।सीमा पर टकराव के बीच चीनी स्मार्टफोन कंपनियों पर उठे सवाल, ग्राहकों से मोटा मुनाफा कमाने के बदले दे रही हैं धोखा

2- अंतर्राष्ट्रीय दबाव

वहीं दूसरी ओर भारत और चीन विवाद पर दूसरे देशों का रुख क्या है यह काफी मायने रखता है। डोकलाम विवाद पर ज्यादातर देश भारत के साथ आए। दुनिया के कई देशों ने चीन की दादागिरी का साथ नहीं दिया। दूसरे देशों का भारत के साथ होने से भी चीन पर दबाव की बड़ी वजह रहा।

3- युद्ध में नुकसान

चीन भारत को बार- बार 1962 के युद्ध की याद दिलाते हुए धमकाता रहा। चीन खुद को भारत से ज्यादा ताकतवर दिखाने की पूरी कोशिश  की, लेकिन चीन को यह अहसास भी रहा कि युद्ध होने पर उसे भारी नुकशान उठाना पड़ेगा। क्यों कि अब भारत 1962 का भारत नहीं रहा। यह कारण भी चीन पर दबाव की बड़ी वजह माना जाता है। डोकलाम विवाद और चीन के साथ तनातनी को इन दो रास्तों से सुलझा सकता है भारत, मोदी सरकार कर रही है विचार

4- विस्तारवादी नीति को लेकर आलोचना

चीन की विस्तारवादी नीति की भारत में ही नहं बल्कि, पूरे विश्व में आलोचना होती है। चीन-पाक आर्थिक गलियारो को विकसित कर रहे हैं। इसका भी भारत लगातार विरोध करता रहा। चीन डोकलाम को अपने सड़के से जोड़ने की कोशिश कर रहा था और इसकी आलोचना हो रही थी।

5- दक्षिण चीन सागर में विवाद

35 लाख वर्गमील जल क्षेत्र में बसा दक्षिण चीन सागर प्रशांत महासागर का हिस्सा है। इस पर कई देशों के साथ चीन का विवाद चल रहा है। साउथ चाइना सी में भी चीन ने मनमानी की। यहां पर मलेशिया, ताइवान, वियतनाम, ब्रुनई देश भी दावा कर रहे हैं। इसद जगह पर कई देशों के साथ तनातनी में फंसा चीन डोकलाम में कोई नया विवाद नहीं चाहता था।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here