किसी भी खिलाड़ी के लिए वर्ल्ड कप में खेलना एक सपने जैसा होता हैं. दुनिया कर हर खिलाडी अपने दश का वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना चाहता है. आज हम आप को एक ऐसे अभागे खिलाड़ी की कहानी बताएँगे,जिसने देश का न केवल वर्ल्ड कप में प्रतिनिधित्व किया बल्कि देश को सेमीफाइनल तक पहुँचाया था. लेकिन इतने अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उन्हें हालात नही बदले और आज ये खिलाड़ी भैस चारा कर अपना जीवनयापन कर रहा है. इस खिलाड़ी का नाम भालाजी डामोर है.

बेहद ख़राब है हालात 

1998 के ब्लाइंड वर्ल्ड कप में भालाजी डामोर ने आलराउंडर के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया था. इस वर्ल्ड कप में उनके शानदार की वजह से ही भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा था. लेकिन देश के लिए इतना अच्छा प्रदर्शन के बाद भी उनके हालात नही सुधारे है. आज भालाजी डामोर भैस चारा कर अपने परिवार को पाल रहे है.

उम्मीद थी कि हालात कुछ सुधर जाएँगे 

बेहद गरीब और किसान परिवार से आने वाले भालाजी डामोर को उम्मीद थी कि वर्ल्ड कप के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आएगा और उनकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी. लेकिन 18 साल के बाद भी इस खिलाड़ी को न सरकार की तरफ से कोई ही मदद मिली है और नही बीसीसीआई की तरफ से. जिस वजह से ये खिलाड़ी जीवनयापन करने के लिए छोटे-छोटे काम पर निर्भर हैं.

कई खिलाड़ियों के ऐसे हालात 

ये कहानी सिर्फ भालाजी डामोर नही है बल्कि कई सारे खिलाड़ियों के हैं. हाल में ही खबर आई थी, कभी आईपीएल की खोज कहे जा रहें कामरान खान इस समय खेते में  काम कर के अपना जीवनयापन कर रहे हैं. कामरान खान आईपीएल की वजह से चर्चा में आए थे, लेकिन बाद में इंजरी और एक्शन में दिक्कत की वजह से उनका भी करियर ख़त्म हो गया. अब देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई आने वाले समय में ऐसे खिलाड़ियों के लिए क्या करती है.

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