भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी अब अपने करियर के अंतिम दौर में जहां से वो एक या दो सालों के अंदर संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। महेन्द्र सिंह धोनी फिलहाल तो सीमित ओवर की क्रिकेट में ही खेल रहे हैं। ऐसे में जैसे-जैसे महेन्द्र सिंह धोनी के करियर पर फैसला लेने का समय पास में आता जा रहा है वैसे ही भारतीय क्रिकेट गलियारों में एमएस धोनी के उत्तराधिकारी की चर्चा तेज हो गई है।

धोनी के उत्तराधिकारी में पंत हैं सबसे आगे

महेन्द्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी की बात आते ही सबसे पहला नाम युवा प्रतिभाशाली विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का नाम सामने आता है। दिल्ली के युवा खिलाड़ी ऋषभ पंत पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन से जोरदार प्रभाव छोड़ रहे हैं और अपने आप को उन्होंने इसी के दम पर धोनी के उत्तराधिकारी की होड़ में प्रबल दावेदार के रूप में खड़ा कर दिया है। ऋषभ पंत को धोनी के विकल्प के तौर पर कई लोग देख रहे हैं.

केपी भास्कर भी पंत को मानते हैं धोनी का उत्तराधिकारी

इन्ही लोगों में से अब दिल्ली के रणजी कोच केपी भास्कर का नाम सामने आया है। केपी भास्कर का भी यहीं मानना है, कि ऋषभ पंत महेन्द्र सिंह धोनी की जगह भरने के सबसे काबिल खिलाड़ी हैं। केपी भास्कर ने इसको लेकर कहा, कि

वो(पंत) इसको दिखा नहीं सकते, लेकिन मुझे यकिन है कि वो अंदर से ऐसा महसूस करते होंगे। वो अभी तो भारत से बाहर हैं। और वो इसको महसूस भी कर रहे हैं। मुझे तो पूरा यकिन है कि वो अपने टेंपरामेंट के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनकी शारीरिक भाषा वैसी ही है जैसी पिछले साल थी, लेकिन वो अब कुछ ज्यादा फिट नजर आते हैं। और वो इसमें सुधार कर रहे हैं।”

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धोनी की जगह को भरने में पंत है सबसे उपयुक्त विकल्प

इसके साथ ही केपी भास्कर ने आगे कहा कि “मैंने तो हमेशा उनसे कहा है कि भारत के लिए खेलना आसान है। लेकिन इसके लिए आपकी तैयारियां मानसिक, शारीरिक और तकनीकी रूप से होनी, चाहिए जो आपको साबित करने में मदद करती हैं और यही महत्वपूर्ण है। उम्र भी उनके पक्ष में है और खास फायदा ये है, कि वो बल्लेबाज होने के साथ ही एक कीपर भी हैं। धोनी कुछ समय में ही अपने जूते लटका लेंगे, लेकिन जब धोनी अपने जूते लटकाएंगे, तब मुझे यकिन है कि उनके जूते भरने के लिए ये प्रमुख खिलाड़ी होगा।”

कुछ ही ओवरो में खेल का बदलने का है माद्दा

आगे केपी भास्कर ने ऋषभ पंत को लेकर कहा कि “उनकी शैली क्रीज से आगे खड़े रहने की है। वो कुछ ही ओवरों में खेल के परिणाम को पूरी तरह से बदल सकते हैं। लेकिन वहीं शॉट चयन पर उन्हें कुछ काम करने की जरूरत है।विशेष रीप से जब भारत के लिए खेल रहे हो तो उम्मीदें ज्यादा होती है तो फिर जिम्मेदारी भी अपने आप ही आ जाती हैं।”

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