एक क्रिकेटर जो अभी तक एक भी अंतर्राष्ट्रीय मैच नही खेला है. अंतर्राष्ट्रीय तो क्या उस खिलाड़ी ने अभी तक एक भी प्रथम श्रेणी का मुकाबला भी नही खेला है. इसके बावजूद यह खिलाड़ी किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर जितनी लोकप्रियता रखता है. आप सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी कौन है, तो आपको बता दें यह खिलाड़ी कोई और नही जूनियर तेंदुलकर यानी अर्जुन तेंदुलकर हैं.

अर्जुन, सचिन तेंदुलकर के बेटे हैं. वह भी पिता की तरह क्रिकेट में नाम कमाना चाहते हैं. वह कई बार बड़े मैच से पहले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को  नेट प्रैक्टिस करते हुए नजर आते हैं. वह लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले इंग्लैंड टीम के अभ्यास सत्र के दौरान खिलाड़ियों को गेंदबाजी कर रहे थे, तो उन्हें भारतीय महिला खिलाड़ियों को भी लॉर्ड्स में गेंदबाजी करते हुए देखा गया. इसके अलावा हाल ही में वह भारतीय टीम को गेंदबाजी करते हुए नजर आए.

अर्जुन का चयन होते ही टूट पड़ी भीड़-

अर्जुन तेंदुलकर की लोकप्रियता का आलम यह है कि उन्हें देखने ही तमाम दर्शक पहुँचते हैं. हाल ही में उन्हें मुंबई की अंडर 19 टीम में चुना गया. टीम को जे. वाई. लेले टूर्नामेंट में भाग लेना था. अर्जुन तेंदुलकर के इस टूर्नामेंट में चुनने जाने से पहले बहुत ही कम लोग इस टूर्नामेंट को जानते थे, यहाँ तक कुछ ही क्रिकेट प्रेमी इसका नाम तक सुना था, लेकिन जैसे ही अर्जुन का इस टूर्नामेंट के लिए चयन हुआ देश के तमाम लोग  इस टूर्नामेंट की बात  करने लगे. इस टूर्नामेंट में खूब भीड़ भी हुई.

सरनेम बनी हुई है परेशानी-

अर्जुन तेंदुलकर ही नही इस तरह की लोकप्रियता उन सभी बच्चों की होती है जो अपने पिता के काम को अपना काम बनाने का निर्णय लेते हैं. मगर इस लोकप्रियता का एक सच यह भी है कि फिर लोग उस बच्चे को उसी तरह से देखते हैं, जैसे उसके पिता को देखते थे. अर्जुन तेंदुलकर को भी इसी दौर से गुजारना पड़ेगा. इस लिए अर्जुन को दबाव का सामना करना पड़ सकता है. उन्हें इन दबावों से निकलते हुए अपना स्वाभाविक खेल दिखाना होगा.

प्रदर्शन करने में रहे नाकाम-

हालाँकि, अर्जुन इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. उन्होंने पहले दो मैचों में केवल 14 रन बल्ले से बनाए वहीं गेंद से भी कुछ खास प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. इसके बाद तीसरे मैच में वह अंतिम 11 में जगह बनाने में ही नाकाम रहे.

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