एक वकील की याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को मुफ्त पीने का पानी मिलने की सुविधा नहीं है. इस विषय पर हाई कोर्ट में एक वकील ने याचिका दायर करते हुए कहा था कि मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को मुफ्त पानी, कूड़ेदान और शौचालय की सुविधा मिलनी चाहिए.

फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट के जज जस्टिस बिभु बख्रू ने कहा कि याचिकाकर्ता को मेट्रो स्टेशनों पर पीने के पानी का अधिकार है लेकिन फ्री पानी का अधिकार नहीं है. यह फैसला मेट्रो की ओर से एफिडेबिट दाखिल करने के बाद सुनाया गया है. जिसमें कहा गया है कि मेट्रो स्टेशनों पर कई दुकानें और वाटर कियोस्क मौजूद हैं, जिनसे लोग पानी खरीदकर पी सकते हैं. इनसे 2 और 5 रुपये खर्च करके पानी खरीदा जा सकता है.

टॉयलेट के सवाल पर DMRC का कहना है कि यह 130 स्टेशनों पर उपलब्ध है. कूड़ेदान को लेकर कहा गया है कि सभी मेट्रो स्टेशनों पर पारदर्शी कूड़ादान लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

याचिकाकर्ता के याचिका दाखिल करने के पीछे यह मंशा थी कि मेट्रो स्टेशनों पर लोगों को मूलभूत सुविधायें सुलभ होनी चाहिए. वहीं कोर्ट ने मेट्रो कॉरपोरेशन के हलफनामे को ध्यान में रखकर फैसला सुनाया है.

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