मोबाइल हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्‍सा बन गया है. लेकिन आपको बता दें कि यह तकनीकी रूप से हमारे लिए जितना फायदेमंद है यह उतना ही हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक भी. इससे निकलती इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक तरंगे कई तरीकों से हमारे स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचाती हैं. यह हमारी याददाश्त को और हमारी सुनने की शक्ति को प्रभावित करती हैं. इसके रेडियेशन की वज़ह से कैंसर के भी मामले देखने को मिले हैं. साथ ही मोबाइल व उसके टावरों से होने वाला रेडियेशन नपुंसकता तथा ब्रेन ट्यूमर को बढ़ावा देता है. आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने वाले हैं जो मोबाइल इस्तेमाल करते समय इसके खतरे को कम करने में मददगार होंगे.

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अधिक से अधिक करें मैसेज का इस्तेमाल… 

रेडिएशन को कम करने का यह भी एक अच्छा तरीका है कि कालिंग से ज्यादा मैसेज को महत्व दें. जबतक कोई बहुत ही महत्वूर्ण काम ना हो तब तक मोबाइल पर बात कम ही करें. मैसेज कर के अपनी बात कहें.

बात करते समय करें ईयरफ़ोन का प्रयोग…

अगर आप किसी से लम्बे समय तक फोन पर बात कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में ईयरफ़ोन का प्रयोग करें. ऐसा करने से फोन आपसे दूर रहेगा और रेडिएशन का असर कम होगा.

अतिसंवेदनशील अंगों से रखें दूर…

मोबाइल को अपनी  पैंट की अगली जेब में ना रखें. इस स्थिति में इसका रेडिएशन आपके स्पर्म काउंट को कम कर सकता है और आपको नपुंसक बना सकता है. इसके अलावा अगर आप इसके शर्ट की जेब में दिल के पास रखते हैं तो यह आपके दिल के लिए भी खतरनाक है. इसके अलावा सोते समय इसे अपनी तकिया के पास भी ना रखें. इससे आपकी याददाश्त कमज़ोर होती है.

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लगातार ना करें बात…

कई शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि लगातार फोन पर बात करने से आपके दिमाग का तापमान बढ़ जाता है. दिमाग के तापमान का बढ़ना आपके लिए खतरनाक हो सकता है इसलिए लगातार बहुत अधिक देर तक फोन पर बात न करें.

चेक करें सिग्नल…

फोन पर बात करने से पहले यह ज़रूर चेक कर लें कि फोन में पर्याप्त सिग्नल है या नहीं. कम सिग्नल की अवस्था में फोन पर अधिक जोर पड़ता है और इसका रेडिएशन भी बढ़ जाता है.

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