हैदराबाद

मुंबई! दुनिया में ऐसे कुछ लोग और बच्चें है जिनका दिमाग आइन्स्टीन से भी तेज चलता है. लेकिन आपको ये सुनकर हैरानी होगी की ऐसा भी हो सकता है क्या. हाँ जी ऐसा बिलकुल भी हो सकता है. क्योंकि कुछ बच्चे गॉड गिफ्टेड होते हैं. चलिए आज हम आपको एक ऐसे बच्चे के बारे में बताने जा रहे हैं जो 7 वीं क्लास में पढ़ते हुए भी इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाता है.

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लेकिन आप सोच रहें है ये कैसे संभव है? जी हां, हैदराबाद के एक स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र ने यह कमाल किया है. उम्र महज ग्यारह साल है.

आपको बता दें उस मासूम बच्चे का नाम ‘मोहम्मद हसन अली’ है… इनके इरादे सुनकर आपको और अधिक हैरानी होगी. दरअसल, बाल्यकाल में इन्होंने तय कर लिया है कि ये साल 2020 तक तकरीबन एक हजार इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाएंगे. आपको बता दें उनके कदम तेजी से बढ़ रहे हैं.

बता दें अली छात्रों को मुफ्त में ही पढ़ाते हैं। इस बाबत अली कहते हैं कि इस पूरे काम के पीछे वह उनके नेक इरादे हैं इसलिए वे पढ़ाई के बदले कोई पैसे नहीं लेते। वो कहते हैं.

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आपको बता दें यह बच्चा देश की सेवा करना चाहते हैं और आज के युवा को एक अच्छे मुकाम पर पहुंचाना चाहता है. हसन अली के इस काम में उनके साथ उनके माता-पिता भी खड़े हैं. शर के इंजीनियरिंग के छात्र भी उन्हें बेहद पसंद करते हैं. अली का कहना है वह करीब एक साल से अध्यापन का कार्य रहे हैं. उनके पास कई इंजीनियरिंग स्टूडेंट आते हैं.

इंजीनियरिंग स्टूडेंट को पढ़ाने वाले अली भी सुबह स्कूल जाते हैं और करीब तीन बजे घर वापस आते हैं. अपने बिजी सिड्यूल से वह रोजाना खेलने का समय भी निकाल लेते हैं. इतना सबकुछ करने के बाद भी अली अपना होमवर्क करने तक का वक्त निकाल लेते हैं. सुनने में थोडा ताज्जुब लगेगा.  इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाने के लिए वह छह बजे जाते हैं. इस दौरान इनसे पढ़ने वाले मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक्ल इंजीनियरिंग के छात्र डिजाइनिंग और ड्राफटिंग सीखते हैं. अली को यह सब एक वीडियो देखने के बाद दिमाग में आया. वीडियो के जरिये प्रोत्साहित होकर उनके दिमाग में ये करने की इच्छा जाग्रत हुई.

हैदराबाद का सातवीं कक्षा में पढने वाला ये बच्चा क्या एक हजार इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाने का सपना साकार कर पाता है कि नहीं. अली का सोचना है कि हमारे देश के छात्र इतनी पढ़ाई के बावजूद विदेशों में छोटे-मोटे काम करने जाते हैं? तभी उनके दिमाग में यह बात सामने आई कि इंजीनियर एक खास चीज है लेकिन अन्य विषयों की अपेक्षा इस दिशा में छात्र कम जाते हैं. आपको बता दें अली का कहना है कि हमारे यहां के छात्र कम्युनिकेशन में काफी पिछड़े हुए हैं. जबकि मेरा फेवरेट सब्जेक्ट डिजाइनिंग था इसलिए मैंने इस पर और जोर-शोर से काम शुरू कर दिया. आज परिणाम सामने है.

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