शराब

मुंबई! ड्रिंक करना आज कल लोगों को पैशन बना गया है. कुछ लोग जहा गम भुलाने और स्ट्रेस दूर करने के लिए पीते हैं, तो वहीँ कुछ लोग यूं ही शौक में पीते हैं. हम ये नहीं कहते शराब पीना गलत बात है लेकिन लिमिट अगर कोई चीज ओवर होती है तो वह बॉडी को नुक्सान पहुंचती हैं.

आपको बता दें जहां पुरूष ही बस शराब पीने में आगे थे अब महिलाएं भी किसी से काम नहीं है वह भी आज कल के यंग जनरेशन को टक्कर दें रही हैं.

क्या आप जानतें हैं हर देश में शराब अलग-अलग तरह से बनाई जाती है और बेचीं जाती है. कुछ शराब देसी होती है और कुछ विदेशी जिसमे विस्की, रम, चूलईया, महुआ, ब्रांडी, जीन, हंडिया और बीयर शामिल है.

कोरिया में कुछ इस तरह शराब बनाई जाती है जिसके बारे में सुनकार आप शराब पीना खुद ही छोड़ देंगे.

आज हम आपको एक ऐसी ही शराब के बारे में बता रहे हैं जिसे बनाने की अजीबोगरीब प्रक्रिया के बारे में सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे. ये शराब कोरिया की विशेष प्रकार की शराब है जो बच्चों के पॉटी से बनाई जाती है. जी हां सुनकर आप भी हैरान हो गए ना… लेकिन इस शराब के फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे.

कोरियन डॉक्टर ली चांग सू, इंसानी मल से तैयार शराब के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने इस बारे में चर्चा करते हुए बताया कि इस मल से बनी हुई शराब को सॉन्गसुल कहा जाता है.

इस शराब को बनाने में राइस वाइन, किण्वित मानव मल और 9 प्रतिशत एल्कोहल का इस्तेमाल किया गया है. इस शराब को पीने के बाद आप किसी भी तरह के तेज दर्द से निजात पा सकते हैं.

इतना ही नहीं ये शराब टूटी हड्डी के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है और शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद मिलती है. इस शराब से कई तरह की स्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियां भी ठीक हो जाती है. इस शराब को बने के लिए  4 से 7 साल के बच्चो का मल काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. क्योंकि उनके पॉटी से बदबू कम आती है और इसलिए इस मल से सिर्फ कोरिया में शराब बनाई जाती है.

 

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