मोदी  सरकार ने जब से GST लागू किया है तभी से ही व्यापारियों के साथ ही आम लोग परेशान हैं। व्यापारी अभी तक GST नाम की पहेली को समझ नहीं पाए हैं, वहीं आम आदमी  लगातार बढ़ती मंहगाई से हैरान और परेशान है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज से कई वर्ष पहले एक मुगल बादशाह के शासन में पूरे 28 कर लगाए गए थे फिर भी मंहगाई नहीं बढ़ी थी। इतना ही नहीं ये व्यवस्था उसके मरने के बाद तक आम लोगों को राहत देती रही थी।

ये बादशाह कोई और नहीं अलाउद्दीन खिलजी था। वह  खिलजी वंश का दूसरा और सबसे शक्तिशाली शासक था। खिलजी 1296 में अपने चाचा और ससुर जलालुद्दीन खिलजी की हत्या कर दिल्ली सल्तनत की राजगद्दी पर विराजमान हुआ था। इतिहासकारों का कहना है कि, अलाउद्दीन खिलजी एक महान शासक होने के साथ ही बाजार व्यवस्था और महंगाई नियंत्रण का बेजोड़ बादशाह भी था।

उसकी दो नीतियां थी, पहली कीमतों को बाजार नहीं बादशाह तय करेगा और दूसरी बाजार मूल्य बढ़ाने वाले लोगों से ज्यादा टैक्स वसूलना। खिलजी ने मूल्य नियंत्रण नीति के जरिये रोजमर्रा की तमाम वस्तुओं की कीमत निर्धारित कर दी थी। जैसे अनाज, कपड़े, पशु, दवाई आदि को निर्धारित मूल्य पर ही बेचा जा सकता था।

इसका सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों और सैनिकों को हुआ था। इन सारी वस्तुओं की कीमत कम ही थी। खिलजी की मौत के बाद फिरोजशाह तुगलक ने भी खिलजी की बाजार व्यवस्था और मंहगाई नियंत्रण की इन नीतियों को जारी रखा। इस तरह पूरे 112 सालों तक महंगाई काबू में रही थी।

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